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mahabharat 16.7.72: इसके बाद शत्रु योद्धाओं का संहार करने वाले अर्जुन ने व्रज को इन्द्रप्रस्थ का राज्य प्रदान किया।वज्र के द्वारा रोके जाने पर भी अक्रूरजी की स्त्रियाँ वन में तपस्या करने चली गईं।   |   mahabharat अध्याय 16.7: वसुदेवजी तथा मौसलयुद्धमें मरे हुए यादवोंका अन्त्येष्टि संस्कार करके अर्जुनका द्वारकावासी स्त्री-पुरुषोंको अपने साथ ले जाना, समुद्रका द्वारकाको डुबो देना और मार्गमें अर्जुनपर डाकुओंका आक्रमण, अवशिष्ट यादवोंको अपनी राजधानीमें बसा देना   ।   mahabharat पर्व 16: मौसल पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 16: मौसल पर्व  »  अध्याय 7: वसुदेवजी तथा मौसलयुद्धमें मरे हुए यादवोंका अन्त्येष्टि संस्कार करके अर्जुनका द्वारकावासी स्त्री-पुरुषोंको अपने साथ ले जाना, समुद्रका द्वारकाको डुबो देना और मार्गमें अर्जुनपर डाकुओंका आक्रमण, अवशिष्ट यादवोंको अपनी राजधानीमें बसा देना  »  श्लोक 72
 
 
श्लोक  16.7.72 
इन्द्रप्रस्थे ददौ राज्यं वज्राय परवीरहा।
वज्रेणाक्रूरदारास्तु वार्यमाणा: प्रवव्रजु:॥ ७२॥
 
 
अनुवाद
इसके बाद शत्रु योद्धाओं का संहार करने वाले अर्जुन ने व्रज को इन्द्रप्रस्थ का राज्य प्रदान किया।वज्र के द्वारा रोके जाने पर भी अक्रूरजी की स्त्रियाँ वन में तपस्या करने चली गईं।
 
After this, Arjuna, who killed the enemy warriors, gave the kingdom of Indraprastha to Vraja. The women of Akrurji went to the forest to do penance even after being stopped by the thunderbolt.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)