Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 16.7.71: धर्मात्मा अर्जुन ने सात्यकि के प्रिय पुत्र ययुधान को सरस्वती के तट पर स्थित प्रदेश का शासक और निवासी बना दिया तथा वृद्धों और बालकों को उसके पास छोड़ दिया। | mahabharat अध्याय 16.7: वसुदेवजी तथा मौसलयुद्धमें मरे हुए यादवोंका अन्त्येष्टि संस्कार करके अर्जुनका द्वारकावासी स्त्री-पुरुषोंको अपने साथ ले जाना, समुद्रका द्वारकाको डुबो देना और मार्गमें अर्जुनपर डाकुओंका आक्रमण, अवशिष्ट यादवोंको अपनी राजधानीमें बसा देना । mahabharat पर्व 16: मौसल पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
धर्मात्मा अर्जुन ने सात्यकि के प्रिय पुत्र ययुधान को सरस्वती के तट पर स्थित प्रदेश का शासक और निवासी बना दिया तथा वृद्धों और बालकों को उसके पास छोड़ दिया।
The virtuous Arjuna made Satyaki's beloved son Yauyudhan the ruler and resident of the region situated on the banks of the Saraswati and left the old people and children with him.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥