श्री महाभारत  »  पर्व 16: मौसल पर्व  »  अध्याय 7: वसुदेवजी तथा मौसलयुद्धमें मरे हुए यादवोंका अन्त्येष्टि संस्कार करके अर्जुनका द्वारकावासी स्त्री-पुरुषोंको अपने साथ ले जाना, समुद्रका द्वारकाको डुबो देना और मार्गमें अर्जुनपर डाकुओंका आक्रमण, अवशिष्ट यादवोंको अपनी राजधानीमें बसा देना  »  श्लोक 68
 
 
श्लोक  16.7.68 
एवं कलत्रमानीय वृष्णीनां हृतशेषितम्।
न्यवेशयत कौरव्यस्तत्र तत्र धनंजय:॥ ६८॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार कुरुपुत्र अर्जुन ने अपहरण से बची हुई वृष्णि वंश की स्त्रियों को वापस लाकर विभिन्न स्थानों पर बसाया।
 
In this manner, Arjuna, son of Kuru, brought back the women of the Vrishni clan who had escaped abduction and settled them in various places. 68
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)