Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 16.7.62: जब उनके बाण समाप्त हो गए, तब इन्द्रपुत्र अर्जुन शोक और शोक के आघातों से पीड़ित होकर अपने धनुष की नोक से ही उन लुटेरों का वध करने लगे। | mahabharat अध्याय 16.7: वसुदेवजी तथा मौसलयुद्धमें मरे हुए यादवोंका अन्त्येष्टि संस्कार करके अर्जुनका द्वारकावासी स्त्री-पुरुषोंको अपने साथ ले जाना, समुद्रका द्वारकाको डुबो देना और मार्गमें अर्जुनपर डाकुओंका आक्रमण, अवशिष्ट यादवोंको अपनी राजधानीमें बसा देना । mahabharat पर्व 16: मौसल पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स शरक्षयमासाद्य दु:खशोकसमाहत:।
धनुष्कोटॺा तदा दस्यूनवधीत् पाकशासनि:॥ ६२॥
अनुवाद
जब उनके बाण समाप्त हो गए, तब इन्द्रपुत्र अर्जुन शोक और शोक के आघातों से पीड़ित होकर अपने धनुष की नोक से ही उन लुटेरों का वध करने लगे।
After his arrows were exhausted, Arjuna, son of Indra, suffering the blows of grief and sorrow, began killing those robbers with the tip of his bow only.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥