Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 16.7.56: युद्ध के समय उनका शारीरिक बल इतना क्षीण हो गया था और वे अपने महान दिव्यास्त्रों को भूल गए थे, यह देखकर वे लज्जित हो गए ॥56॥ | mahabharat अध्याय 16.7: वसुदेवजी तथा मौसलयुद्धमें मरे हुए यादवोंका अन्त्येष्टि संस्कार करके अर्जुनका द्वारकावासी स्त्री-पुरुषोंको अपने साथ ले जाना, समुद्रका द्वारकाको डुबो देना और मार्गमें अर्जुनपर डाकुओंका आक्रमण, अवशिष्ट यादवोंको अपनी राजधानीमें बसा देना । mahabharat पर्व 16: मौसल पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वैकृतं तन्महद् दृष्ट्वा भुजवीर्ये तथा युधि।
दिव्यानां च महास्त्राणां विनाशाद् व्रीडितोऽभवत्॥ ५६॥
अनुवाद
युद्ध के समय उनका शारीरिक बल इतना क्षीण हो गया था और वे अपने महान दिव्यास्त्रों को भूल गए थे, यह देखकर वे लज्जित हो गए ॥56॥
Seeing that during the war their physical strength had been affected so much and that they had forgotten their great divine weapons, they became ashamed. ॥ 56॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥