Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 16.7.54: तब अर्जुन ने अपने विशाल, दिव्य और कभी न पहनने वाले धनुष गांडीव पर प्रत्यंचा चढ़ाना शुरू किया और बड़ी मेहनत से वह किसी तरह उस पर प्रत्यंचा चढ़ाने में सफल रहे। | mahabharat अध्याय 16.7: वसुदेवजी तथा मौसलयुद्धमें मरे हुए यादवोंका अन्त्येष्टि संस्कार करके अर्जुनका द्वारकावासी स्त्री-पुरुषोंको अपने साथ ले जाना, समुद्रका द्वारकाको डुबो देना और मार्गमें अर्जुनपर डाकुओंका आक्रमण, अवशिष्ट यादवोंको अपनी राजधानीमें बसा देना । mahabharat पर्व 16: मौसल पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब अर्जुन ने अपने विशाल, दिव्य और कभी न पहनने वाले धनुष गांडीव पर प्रत्यंचा चढ़ाना शुरू किया और बड़ी मेहनत से वह किसी तरह उस पर प्रत्यंचा चढ़ाने में सफल रहे।
Then Arjuna began to string his huge, divine and never-wearing bow, Gandiva, and with great effort he somehow managed to string it.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥