Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 16.7.50: समय के उतार-चढ़ाव से प्रेरित होकर, उन सबको मार डालने पर तुले वे डाकू, अपनी ऊंची गर्जना से साधारण लोगों को भयभीत करते हुए, उनकी ओर दौड़े। | mahabharat अध्याय 16.7: वसुदेवजी तथा मौसलयुद्धमें मरे हुए यादवोंका अन्त्येष्टि संस्कार करके अर्जुनका द्वारकावासी स्त्री-पुरुषोंको अपने साथ ले जाना, समुद्रका द्वारकाको डुबो देना और मार्गमें अर्जुनपर डाकुओंका आक्रमण, अवशिष्ट यादवोंको अपनी राजधानीमें बसा देना । mahabharat पर्व 16: मौसल पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महता सिंहनादेन त्रासयन्त: पृथग्जनम्।
अभिपेतुर्वधार्थं ते कालपर्यायचोदिता:॥ ५०॥
अनुवाद
समय के उतार-चढ़ाव से प्रेरित होकर, उन सबको मार डालने पर तुले वे डाकू, अपनी ऊंची गर्जना से साधारण लोगों को भयभीत करते हुए, उनकी ओर दौड़े।
Inspired by the twists and turns of time, those robbers, bent on killing them all, ran towards them, frightening the ordinary people with their loud roars.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥