श्री महाभारत  »  पर्व 16: मौसल पर्व  »  अध्याय 7: वसुदेवजी तथा मौसलयुद्धमें मरे हुए यादवोंका अन्त्येष्टि संस्कार करके अर्जुनका द्वारकावासी स्त्री-पुरुषोंको अपने साथ ले जाना, समुद्रका द्वारकाको डुबो देना और मार्गमें अर्जुनपर डाकुओंका आक्रमण, अवशिष्ट यादवोंको अपनी राजधानीमें बसा देना  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  16.7.4 
राज्ञ: संक्रमणे चापि कालोऽयं वर्तते ध्रुवम्।
तमिमं विद्धि सम्प्राप्तं कालं कालविदां वर॥ ४॥
 
 
अनुवाद
राजा युधिष्ठिर के परलोक गमन का समय अब ​​आ ही गया है। हे काल के ज्ञाताओं में श्रेष्ठ चाचा! समझो कि यही समय आ गया है॥4॥
 
‘The time for King Yudhishthira to depart for the other world has definitely come. O uncle, the best among the knowers of time! Consider that this is the time that has arrived.॥ 4॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd