Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 16.7.36: हाथी सवार लोग अस्त्र-शस्त्रों से सुसज्जित होकर पहाड़ी हाथियों पर गुप्त रूप से यात्रा करने लगे। उनके साथ हाथी-पहिए के रक्षक भी थे।   |   mahabharat अध्याय 16.7: वसुदेवजी तथा मौसलयुद्धमें मरे हुए यादवोंका अन्त्येष्टि संस्कार करके अर्जुनका द्वारकावासी स्त्री-पुरुषोंको अपने साथ ले जाना, समुद्रका द्वारकाको डुबो देना और मार्गमें अर्जुनपर डाकुओंका आक्रमण, अवशिष्ट यादवोंको अपनी राजधानीमें बसा देना   ।   mahabharat पर्व 16: मौसल पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 16: मौसल पर्व  »  अध्याय 7: वसुदेवजी तथा मौसलयुद्धमें मरे हुए यादवोंका अन्त्येष्टि संस्कार करके अर्जुनका द्वारकावासी स्त्री-पुरुषोंको अपने साथ ले जाना, समुद्रका द्वारकाको डुबो देना और मार्गमें अर्जुनपर डाकुओंका आक्रमण, अवशिष्ट यादवोंको अपनी राजधानीमें बसा देना  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  16.7.36 
कुञ्जरैश्च गजारोहा ययु: शैलनिभैस्तथा।
सपादरक्षै: संयुक्ता: सान्तरायुधिका ययु:॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
हाथी सवार लोग अस्त्र-शस्त्रों से सुसज्जित होकर पहाड़ी हाथियों पर गुप्त रूप से यात्रा करने लगे। उनके साथ हाथी-पहिए के रक्षक भी थे।
 
The elephant riders started travelling secretly on mountain elephants, armed with weapons. The elephant foot guards were also with them.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)