Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 16.7.29-30: उस घोर संग्राम में मृत पड़े हुए यादवों को देखकर कुरुकुलनन्दन अर्जुन को बड़ा दुःख हुआ। ब्रह्माजी के शाप के कारण एरका से उत्पन्न हुए क्षत्रों द्वारा मारे गए यदुवंशी वीरों का उन्होंने छोटे-बड़े क्रम से दाह-संस्कार किया। 29-30॥ | mahabharat अध्याय 16.7: वसुदेवजी तथा मौसलयुद्धमें मरे हुए यादवोंका अन्त्येष्टि संस्कार करके अर्जुनका द्वारकावासी स्त्री-पुरुषोंको अपने साथ ले जाना, समुद्रका द्वारकाको डुबो देना और मार्गमें अर्जुनपर डाकुओंका आक्रमण, अवशिष्ट यादवोंको अपनी राजधानीमें बसा देना । mahabharat पर्व 16: मौसल पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस घोर संग्राम में मृत पड़े हुए यादवों को देखकर कुरुकुलनन्दन अर्जुन को बड़ा दुःख हुआ। ब्रह्माजी के शाप के कारण एरका से उत्पन्न हुए क्षत्रों द्वारा मारे गए यदुवंशी वीरों का उन्होंने छोटे-बड़े क्रम से दाह-संस्कार किया। 29-30॥
Kurukulanandan Arjun felt very sad after seeing the Yadavas lying dead in that fierce battle. Due to the curse of Brahma, he performed all the funeral rites of the Yaduvanshi heroes who were killed by the missiles born from Erka, in a big and small order. 29-30॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥