श्री महाभारत  »  पर्व 16: मौसल पर्व  »  अध्याय 7: वसुदेवजी तथा मौसलयुद्धमें मरे हुए यादवोंका अन्त्येष्टि संस्कार करके अर्जुनका द्वारकावासी स्त्री-पुरुषोंको अपने साथ ले जाना, समुद्रका द्वारकाको डुबो देना और मार्गमें अर्जुनपर डाकुओंका आक्रमण, अवशिष्ट यादवोंको अपनी राजधानीमें बसा देना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  16.7.23 
यस्तु देश: प्रियस्तस्य जीवतोऽभून्महात्मन:।
तत्रैनमुपसंकल्प्य पितृमेधं प्रचक्रिरे॥ २३॥
 
 
अनुवाद
अर्जुन आदि लोग पवित्र वसुदेव को उस स्थान पर ले गए जो उनके जीवनकाल में उन्हें अत्यंत प्रिय था और वहाँ उनका पितृमेध संस्कार किया॥23॥
 
Arjuna and others took the holy Vasudev to a place which was very dear to him during his lifetime and performed his last rites (pitramedha rites).॥23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)