Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 16.5.5-6h: पूर्वकाल में भगवान श्रीकृष्ण की सोलह हजार अनाथ स्त्रियाँ, जिनकी लोकनाथ श्रीकृष्ण ने सबसे अधिक रक्षा की थी, जब उन्होंने अर्जुन को अपना उद्धारक बनकर आते देखा, तो वे जोर-जोर से रोने लगीं। | mahabharat अध्याय 16.5: अर्जुनका द्वारकामें आना और द्वारका तथा श्रीकृष्ण-पत्नियोंकी दशा देखकर दुखी होना । mahabharat पर्व 16: मौसल पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पूर्वकाल में भगवान श्रीकृष्ण की सोलह हजार अनाथ स्त्रियाँ, जिनकी लोकनाथ श्रीकृष्ण ने सबसे अधिक रक्षा की थी, जब उन्होंने अर्जुन को अपना उद्धारक बनकर आते देखा, तो वे जोर-जोर से रोने लगीं।
In earlier times, the sixteen thousand orphan women of Lord Krishna, who were most protected by Loknath Shri Krishna, started crying loudly when they saw Arjun coming as their savior.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥