Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 16.4.20: तदनन्तर उन्होंने तीनों लोकों की रक्षा करने के लिए तथा दुर्वासा के वचन को पूरा करने के लिए अपने परमधाम जाने का उचित समय समझा और इस उद्देश्य से उन्होंने अपनी सम्पूर्ण इन्द्रियों का संयम कर लिया ॥20॥ | mahabharat अध्याय 16.4: दारुकका अर्जुनको सूचना देनेके लिये हस्तिनापुर जाना, बभ्रुका देहावसान एवं बलराम और श्रीकृष्णका परमधाम-गमन । mahabharat पर्व 16: मौसल पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मेने तत: संक्रमणस्य कालं
ततश्चकारेन्द्रियसंनिरोधम्।
तथा च लोकत्रयपालनार्थ-
मात्रेयवाक्यप्रतिपालनाय॥ २०॥
अनुवाद
तदनन्तर उन्होंने तीनों लोकों की रक्षा करने के लिए तथा दुर्वासा के वचन को पूरा करने के लिए अपने परमधाम जाने का उचित समय समझा और इस उद्देश्य से उन्होंने अपनी सम्पूर्ण इन्द्रियों का संयम कर लिया ॥20॥
Thereafter, to protect the three worlds and to fulfill the promise of Durvasa, he considered it to be the right time to reach his supreme abode and for this purpose he restrained all his senses. 20॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥