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mahabharat 16.4.11: इतने में ही नगर की स्त्रियाँ और बालक जोर-जोर से रो रहे थे। उन विलाप करती हुई कन्याओं का विलाप सुनकर श्रीकृष्ण लौट आए और उन्हें सांत्वना देते हुए बोले-॥11॥   |   mahabharat अध्याय 16.4: दारुकका अर्जुनको सूचना देनेके लिये हस्तिनापुर जाना, बभ्रुका देहावसान एवं बलराम और श्रीकृष्णका परमधाम-गमन   ।   mahabharat पर्व 16: मौसल पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 16: मौसल पर्व  »  अध्याय 4: दारुकका अर्जुनको सूचना देनेके लिये हस्तिनापुर जाना, बभ्रुका देहावसान एवं बलराम और श्रीकृष्णका परमधाम-गमन  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  16.4.11 
ततो महान् निनद: प्रादुरासीत्
सस्त्रीकुमारस्य पुरस्य तस्य।
अथाब्रवीत् केशव: संनिवर्त्य
शब्दं श्रुत्वा योषितां क्रोशतीनाम्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
इतने में ही नगर की स्त्रियाँ और बालक जोर-जोर से रो रहे थे। उन विलाप करती हुई कन्याओं का विलाप सुनकर श्रीकृष्ण लौट आए और उन्हें सांत्वना देते हुए बोले-॥11॥
 
Meanwhile, the women and children of the city were crying loudly. Hearing the wailing cries of those wailing girls, Sri Krishna returned and consoled them and said -॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)