श्री महाभारत  »  पर्व 16: मौसल पर्व  »  अध्याय 3: कृतवर्मा आदि समस्त यादवोंका परस्पर संहार  »  श्लोक 47
 
 
श्लोक  16.3.47 
भगवन् निहता: सर्वे त्वया भूयिष्ठशो नरा:।
रामस्य पदमन्विच्छ तत्र गच्छाम यत्र स:॥ ४७॥
 
 
अनुवाद
प्रभु! अब तो सब नष्ट हो गए। उनमें से अधिकांश को आपने मार डाला है। अब बलराम को खोजो। अब हम तीनों उस दिशा में चलें जिस दिशा में बलराम गए हैं।॥47॥
 
Lord! Now everyone has been destroyed. Most of them have been killed by you. Now find Balarama. Now let us three go in the direction Balarama has gone.'॥ 47॥
 
इति श्रीमहाभारते मौसलपर्वणि कृतवर्मादीनां परस्परहनने तृतीयोऽध्याय:॥ ३॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत मौसलपर्वमें कृतवर्मा आदि समस्त यादवोंका संहारविषयक तीसरा अध्याय पूरा हुआ॥ ३॥

 
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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