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mahabharat 16.3.32: वे सभी मदिरा के नशे में उन्मत्त हो गए थे। इधर, काल की मृत्यु भी उन्हें भड़का रही थी। अतः उन्होंने गंदे बर्तनों से सात्यकि पर आक्रमण करना शुरू कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 16.3: कृतवर्मा आदि समस्त यादवोंका परस्पर संहार   ।   mahabharat पर्व 16: मौसल पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  16.3.32 
ते तु पानमदाविष्टाश्चोदिता: कालधर्मणा।
युयुधानमथाभ्यघ्नन्नुच्छिष्टैर्भाजनैस्तदा॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
वे सभी मदिरा के नशे में उन्मत्त हो गए थे। इधर, काल की मृत्यु भी उन्हें भड़का रही थी। अतः उन्होंने गंदे बर्तनों से सात्यकि पर आक्रमण करना शुरू कर दिया।
 
All of them had become mad with the intoxication of liquor. Meanwhile, even the death of time was inciting them. So they started attacking Satyaki with dirty utensils.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)