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mahabharat 16.3.22: कृतवर्मा के ये वचन सुनकर शत्रु योद्धाओं का संहार करने वाले भगवान श्रीकृष्ण अत्यन्त क्रोधित हो उठे और क्रोध भरी वक्र दृष्टि से उसकी ओर देखने लगे।   |   mahabharat अध्याय 16.3: कृतवर्मा आदि समस्त यादवोंका परस्पर संहार   ।   mahabharat पर्व 16: मौसल पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 16: मौसल पर्व  »  अध्याय 3: कृतवर्मा आदि समस्त यादवोंका परस्पर संहार  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  16.3.22 
इति तस्य वच: श्रुत्वा केशव: परवीरहा।
तिर्यक्सरोषया दृष्ट्या वीक्षांचक्रे स मन्युमान्॥ २२॥
 
 
अनुवाद
कृतवर्मा के ये वचन सुनकर शत्रु योद्धाओं का संहार करने वाले भगवान श्रीकृष्ण अत्यन्त क्रोधित हो उठे और क्रोध भरी वक्र दृष्टि से उसकी ओर देखने लगे।
 
Hearing these words of Kritavarma, Lord Krishna, the slayer of enemy warriors, became very angry. He looked at him with a furious crooked gaze.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)