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श्लोक 16.2.24  |
अघोषयन्त पुरुषास्तत्र केशवशासनात्।
तीर्थयात्रा समुद्रे व: कार्येति पुरुषर्षभा:॥ २४॥ |
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| अनुवाद |
| भगवान श्रीकृष्ण की आज्ञा से राजपुरुषों ने उस पुरी में घोषणा करवाई कि 'दयालु यादवो! तुम लोग समुद्र में ही तीर्थयात्रा करो। अर्थात् सब लोग आभामण्डल में उपस्थित हो जाओ।' 24॥ |
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| By the orders of Lord Shri Krishna, the royal men announced in that Puri that 'Merciful Yadavas! You should go for pilgrimage in the sea only. That means everyone should be present in the aura. 24॥ |
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इति श्रीमहाभारते मौसलपर्वणि उत्पातदर्शने द्वितीयोऽध्याय:॥ २॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत मौसलपर्वमें उत्पातदर्शनविषयक दूसरा अध्याय पूरा हुआ॥ २॥
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