श्री महाभारत  »  पर्व 16: मौसल पर्व  »  अध्याय 2: द्वारकामें भयंकर उत्पात देखकर भगवान‍् श्रीकृष्णका यदुवंशियोंको तीर्थयात्राके लिये आदेश देना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  16.2.23 
इत्युक्त्वा वासुदेवस्तु चिकीर्षु: सत्यमेव तत्।
आज्ञापयामास तदा तीर्थयात्रामरिंदम:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
ऐसा कहकर शत्रुओं के शत्रु भगवान श्रीकृष्ण ने गांधारी की बात सत्य करने की इच्छा से यदुवंशियों को उस समय तीर्थयात्रा पर जाने की आज्ञा दी॥23॥
 
Saying this, Lord Krishna, the enemy of enemies, wishing to make Gandhari's statement true, ordered the Yaduvanshis to go on pilgrimage at that time. 23॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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