vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 16: मौसल पर्व
»
अध्याय 2: द्वारकामें भयंकर उत्पात देखकर भगवान् श्रीकृष्णका यदुवंशियोंको तीर्थयात्राके लिये आदेश देना
»
श्लोक 18
श्लोक
16.2.18
एवं पश्यन् हृषीकेश: सम्प्राप्तं कालपर्ययम्।
त्रयोदश्याममावास्यां तान् दृष्ट्वा प्राब्रवीदिदम्॥ १८॥
अनुवाद
इस प्रकार काल के उलटफेर को देखकर और त्रयोदशी तिथि में अमावस्या का संयोग जानकर भगवान श्रीकृष्ण ने सबसे कहा-॥18॥
Seeing the vicissitudes of time in this way and knowing the coincidence of Amavasya on Trayodashi date, Lord Shri Krishna said to everyone -॥ 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×