श्री महाभारत  »  पर्व 16: मौसल पर्व  »  अध्याय 2: द्वारकामें भयंकर उत्पात देखकर भगवान‍् श्रीकृष्णका यदुवंशियोंको तीर्थयात्राके लिये आदेश देना  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  16.2.18 
एवं पश्यन् हृषीकेश: सम्प्राप्तं कालपर्ययम्।
त्रयोदश्याममावास्यां तान् दृष्ट्वा प्राब्रवीदिदम्॥ १८॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार काल के उलटफेर को देखकर और त्रयोदशी तिथि में अमावस्या का संयोग जानकर भगवान श्रीकृष्ण ने सबसे कहा-॥18॥
 
Seeing the vicissitudes of time in this way and knowing the coincidence of Amavasya on Trayodashi date, Lord Shri Krishna said to everyone -॥ 18॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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