श्री महाभारत  »  पर्व 16: मौसल पर्व  »  अध्याय 2: द्वारकामें भयंकर उत्पात देखकर भगवान‍् श्रीकृष्णका यदुवंशियोंको तीर्थयात्राके लिये आदेश देना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  16.2.13 
उदयास्तमने नित्यं पुर्यां तस्यां दिवाकर:।
व्यदृश्यतासकृत् पुम्भि: कबन्धै: परिवारित:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
उस नगर में रहने वाले लोगों को प्रतिदिन सूर्योदय और सूर्यास्त के समय सूर्य कबन्धों से घिरा हुआ दिखाई देता था॥13॥
 
To the people living in that city the Sun was seen surrounded by Kabandhas every day at sunrise and sunset.॥ 13॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas