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mahabharat 16.1.6: हे राजन! ये तथा अन्य अनेक भयंकर विघ्न प्रकट होने लगे, जो हृदय को व्याकुल कर देने वाले थे।   |   mahabharat अध्याय 16.1: युधिष्ठिरका अपशकुन देखना, यादवोंके विनाशका समाचार सुनना, द्वारकामें ऋषियोंके शापवश साम्बके पेटसे मूसलकी उत्पत्ति तथा मदिराके निषेधकी कठोर आज्ञा   ।   mahabharat पर्व 16: मौसल पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 16: मौसल पर्व  »  अध्याय 1: युधिष्ठिरका अपशकुन देखना, यादवोंके विनाशका समाचार सुनना, द्वारकामें ऋषियोंके शापवश साम्बके पेटसे मूसलकी उत्पत्ति तथा मदिराके निषेधकी कठोर आज्ञा  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  16.1.6 
एते चान्ये च बहव उत्पाता भयशंसिन:।
दृश्यन्ते बहवो राजन् हृदयोद्वेगकारका:॥ ६॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! ये तथा अन्य अनेक भयंकर विघ्न प्रकट होने लगे, जो हृदय को व्याकुल कर देने वाले थे।
 
O King! These and many other fearful disturbances began to appear, which were disturbing to the heart.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)