Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 15.9.14-15h: मैं यह सब इसलिए कह रहा हूँ क्योंकि मुझे लगता है कि मुझे ये बातें कहनी ही चाहिए। मैं राजा युधिष्ठिर को आप सबको अमानत के रूप में सौंप रहा हूँ और आप सबको भी इस वीर राजा को अमानत के रूप में सौंप रहा हूँ ॥14 1/2॥ | mahabharat अध्याय 15.9: प्रजाजनोंसे धृतराष्ट्रकी क्षमा-प्रार्थना । mahabharat पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मैं यह सब इसलिए कह रहा हूँ क्योंकि मुझे लगता है कि मुझे ये बातें कहनी ही चाहिए। मैं राजा युधिष्ठिर को आप सबको अमानत के रूप में सौंप रहा हूँ और आप सबको भी इस वीर राजा को अमानत के रूप में सौंप रहा हूँ ॥14 1/2॥
I am telling you all this because I think that I must say these things. I am handing over King Yudhishthira to you all as a trust and I am handing you all over to this brave king as a trust. ॥14 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥