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शान्तोऽस्मि वयसानेन तथा पुत्रविनाकृत:।
उपवासकृशश्चास्मि गान्धारीसहितोऽनघा:॥ २०॥
अनुवाद
'भोली प्रजा! अब इस बुढ़ापे ने मुझे और गांधारी को बहुत थका दिया है। पुत्रों की मृत्यु का दुःख बना हुआ है और उपवास के कारण हम दोनों बहुत दुर्बल हो गए हैं।
‘Innocent subjects! Now this old age has made me and Gandhari very tired. The sorrow of the death of our sons remains and due to fasting, both of us have become very weak.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥