श्री महाभारत  »  पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व  »  अध्याय 8: धृतराष्ट्रका कुरुजांगलदेशकी प्रजासे वनमें जानेके लिये आज्ञा माँगना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  15.8.1 
युधिष्ठिर उवाच
एवमेतत् करिष्यामि यथाऽऽत्थ पृथिवीपते।
भूयश्चैवानुशास्योऽहं भवता पार्थिवर्षभ॥ १॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर बोले, "हे पृथ्वीपति! हे राजाओं में श्रेष्ठ! मैं आपकी बात मानूँगा। अब कृपया मुझे कुछ और सलाह दीजिए।"
 
Yudhishthira said, "Lord of the earth! O best of kings! I will do as you say. Now please give me some more advice."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)