श्री महाभारत  »  पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व  »  अध्याय 7: युधिष्ठिरको धृतराष्ट्रके द्वारा राजनीतिका उपदेश  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  15.7.16 
चारयित्वा परबलं कृत्वा स्वबलदर्शनम्।
स्वभूमौ योजयेद् युद्धं परभूमौ तथैव च॥ १६॥
 
 
अनुवाद
गुप्तचरों द्वारा शत्रु सेना का अन्वेषण करके अपनी सैन्य शक्ति का भी निरीक्षण करना चाहिए। तत्पश्चात् अपनी अथवा शत्रु की भूमि पर युद्ध आरम्भ करना चाहिए।॥16॥
 
After investigating the enemy army through spies, one should also inspect his own military strength. Then, start the war on his own or the enemy's land.॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)