Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 15.7.12: हे राजा परंतप! जब समय और स्थान अनुकूल हो, तब सैन्यबल और राजसी गुणों से संपन्न राजा को उत्तम सेना के साथ विजय प्राप्त करने के लिए यात्रा करनी चाहिए। ॥12॥ | mahabharat अध्याय 15.7: युधिष्ठिरको धृतराष्ट्रके द्वारा राजनीतिका उपदेश । mahabharat पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यात्रां गच्छेद् बलैर्युक्तो राजा सद्भि: परंतप।
युक्तश्च देशकालाभ्यां बलैरात्मगुणैस्तथा॥ १२॥
अनुवाद
हे राजा परंतप! जब समय और स्थान अनुकूल हो, तब सैन्यबल और राजसी गुणों से संपन्न राजा को उत्तम सेना के साथ विजय प्राप्त करने के लिए यात्रा करनी चाहिए। ॥12॥
O King Parantapa! When the time and place are favorable, a king endowed with military power and royal qualities should travel with a good army to achieve victory. ॥12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥