श्री महाभारत  »  पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व  »  अध्याय 6: धृतराष्ट्रद्वारा राजनीतिका उपदेश  »  श्लोक 19-20h
 
 
श्लोक  15.6.19-20h 
अशक्नुवंश्च युद्धाय निष्पतेत् सह मन्त्रिभि:॥ १९॥
कोशेन पौरैर्दण्डेन ये चास्य प्रियकारिण:।
 
 
अनुवाद
यदि तुममें युद्ध करने की शक्ति न हो तो अपने मन्त्रियों सहित उस आक्रमणकारी राजा के पास जाओ और राजकोष, मूलनिवासी, दण्ड-शक्ति तथा अन्य प्रिय कार्यों का बल देकर उस प्रतिद्वन्द्वी को पीछे हटाने का प्रयत्न करो ॥19 1/2॥
 
If you do not have the strength to fight, then go to that attacking king along with your ministers and try to drive back that rival by offering the treasury, the native people, the power of punishment and other favorite works. 19 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)