Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 15.5.8: कुरुनन्दन! हे राजन सिंह! इस आठ अंगों वाले राज्य में तुम धर्म को सर्वोपरि रखो और इसकी रक्षा तथा व्यवस्था में कभी भी प्रमाद न करो। ॥8॥ | mahabharat अध्याय 15.5: धृतराष्ट्रके द्वारा युधिष्ठिरको राजनीतिका उपदेश । mahabharat पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अप्रमादस्त्वया कार्य: सर्वथा कुरुनन्दन।
अष्टाङ्गे राजशार्दूल राज्ये धर्मपुरस्कृते॥ ८॥
अनुवाद
कुरुनन्दन! हे राजन सिंह! इस आठ अंगों वाले राज्य में तुम धर्म को सर्वोपरि रखो और इसकी रक्षा तथा व्यवस्था में कभी भी प्रमाद न करो। ॥8॥
Kurunandan! O King Lion! In this eight-part kingdom you must always keep Dharma ahead of everything else and never commit any negligence in its protection and management. ॥ 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥