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श्लोक  15.4.13 
पित्रा तु तव राजेन्द्र पाण्डुना पृथिवीक्षिता।
शिष्यवृत्तेन राजायं गुरुवत् पर्युपासित:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
राजेन्द्र! आपके पिता राजा पाण्डु भी धृतराष्ट्र को अपना गुरु मानते थे और शिष्य की तरह उनकी सेवा करते थे।
 
Rajendra! Your father King Pandu also treated Dhritarashtra as his guru and served him as a disciple.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)