श्री महाभारत  »  पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व  »  अध्याय 39: राजा युधिष्ठिरद्वारा धृतराष्ट्र, गान्धारी और कुन्ती—इन तीनोंकी हड्डियोंको गङ्गामें प्रवाहित कराना तथा श्राद्धकर्म करना  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  15.39.6 
एवमावेदयामासुर्मुनयस्ते ममानघ।
ये ते भागीरथीतीरे मया दृष्टा युधिष्ठिर॥ ६॥
 
 
अनुवाद
हे भोले राजन! गंगा तट पर मिले ऋषियों ने भी मुझसे यही बात कही थी।
 
O innocent king! The sages whom I met on the banks of the Ganges had told me the same thing.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)