Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 15.38.5: जो लोग पहले बहुमूल्य शय्याओं पर सोते थे और सूत तथा मागधों के समूह मधुर गान से जगाते थे, वे आज इस पापी महाराज के कुकर्मों के कारण पृथ्वी पर सो रहे हैं। | mahabharat अध्याय 15.38: नारदजीके सम्मुख युधिष्ठिरका धृतराष्ट्र आदिके लौकिक अग्निमें दग्ध हो जानेका वर्णन करते हुए विलाप और अन्य पाण्डवोंका भी रोदन । mahabharat पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो लोग पहले बहुमूल्य शय्याओं पर सोते थे और सूत तथा मागधों के समूह मधुर गान से जगाते थे, वे आज इस पापी महाराज के कुकर्मों के कारण पृथ्वी पर सो रहे हैं।
Those who used to sleep on precious beds and were awakened by the groups of Sutas and Magadhas with sweet songs, are now sleeping on the earth due to the misdeeds of this sinner, Maharaja. 5.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥