Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 15.38.19-20h: यह सुनकर सब पाण्डव एक-दूसरे से गले मिलकर रोने लगे। जैसे प्रलयकाल में पाँचों तत्व दुःखी हो जाते हैं, वैसे ही उस समय पाँचों पाण्डव शोक से आक्रांत हो गए॥19 1/2॥ | mahabharat अध्याय 15.38: नारदजीके सम्मुख युधिष्ठिरका धृतराष्ट्र आदिके लौकिक अग्निमें दग्ध हो जानेका वर्णन करते हुए विलाप और अन्य पाण्डवोंका भी रोदन । mahabharat पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यह सुनकर सब पाण्डव एक-दूसरे से गले मिलकर रोने लगे। जैसे प्रलयकाल में पाँचों तत्व दुःखी हो जाते हैं, वैसे ही उस समय पाँचों पाण्डव शोक से आक्रांत हो गए॥19 1/2॥
On hearing this, all the Pandavas embraced each other and started crying. Just as the five elements are afflicted during the time of doomsday, similarly the five Pandavas were overwhelmed with grief at that time.॥ 19 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥