vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व
»
अध्याय 37: नारदजीसे धृतराष्ट्र आदिके दावानलमें दग्ध हो जानेका हाल जानकर युधिष्ठिर आदिका शोक करना
»
श्लोक 37-38h
श्लोक
15.37.37-38h
तत्राश्रौषमहं सर्वमेतत् पुरुषसत्तम॥ ३७॥
यथा च नृपतिदर्ग्धो देव्यौ ते चेति पाण्डव।
अनुवाद
हे पाण्डवश्रेष्ठ! मैंने राजा धृतराष्ट्र और उन दोनों देवियों के वहाँ भस्म होने का पूरा समाचार सुना है। 37 1/2
O great Pandava! I heard the entire news of how King Dhritarashtra and those two ladies were burnt there. 37 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×