Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 15.37.33-34h: मैंने संजय को गंगा तट पर तपस्वियों से घिरा हुआ देखा। बुद्धिमान और तेजस्वी संजय ने तपस्वियों को यह सब बताया, उनसे विदा ली और हिमालय चले गए। | mahabharat अध्याय 15.37: नारदजीसे धृतराष्ट्र आदिके दावानलमें दग्ध हो जानेका हाल जानकर युधिष्ठिर आदिका शोक करना । mahabharat पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मैंने संजय को गंगा तट पर तपस्वियों से घिरा हुआ देखा। बुद्धिमान और तेजस्वी संजय ने तपस्वियों को यह सब बताया, उनसे विदा ली और हिमालय चले गए।
I saw Sanjaya surrounded by ascetics on the banks of the Ganges. The wise and brilliant Sanjaya told all this to the ascetics, took leave from them and went to the Himalayas.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥