Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 15.36.8-9: 'तुमने देवताओं के द्रष्टा नारद मुनि से देवताओं का रहस्य भी सुना है। वे सभी वीर योद्धा क्षत्रिय धर्मानुसार शस्त्रों से पवित्र होकर शुभ गति को प्राप्त हुए हैं। जैसा तुमने देखा है, तुम्हारे सभी पुत्र अपनी इच्छानुसार जीवन व्यतीत करते हुए स्वर्ग को गए हैं।॥ 8-9॥ | mahabharat अध्याय 15.36: व्यासजीकी आज्ञासे धृतराष्ट्र आदिका पाण्डवोंको विदा करना और पाण्डवोंका सदलबल हस्तिनापुरमें आना । mahabharat पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'तुमने देवताओं के द्रष्टा नारद मुनि से देवताओं का रहस्य भी सुना है। वे सभी वीर योद्धा क्षत्रिय धर्मानुसार शस्त्रों से पवित्र होकर शुभ गति को प्राप्त हुए हैं। जैसा तुमने देखा है, तुम्हारे सभी पुत्र अपनी इच्छानुसार जीवन व्यतीत करते हुए स्वर्ग को गए हैं।॥ 8-9॥
‘You have also heard the secret of the gods from the sage Narad, who is a seer of gods. All those brave warriors have attained auspicious destination by purifying themselves with weapons as per the dharma of Kshatriyas. As you have seen, all your sons have gone to heaven, living as per their wish.॥ 8-9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥