Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 15.36.41-42h: यदि तुम यहाँ रहोगे तो हमारी तपस्या भंग हो जाएगी। यदि मैं तुम्हारे प्रेम के बंधन में बंध जाऊँगा तो मेरी महान तपस्या भंग हो जाएगी। अतः हे बलवान पुत्र, तुम यहाँ से चले जाओ। अब हमारे पास बहुत कम समय बचा है।॥41 1/2॥ | mahabharat अध्याय 15.36: व्यासजीकी आज्ञासे धृतराष्ट्र आदिका पाण्डवोंको विदा करना और पाण्डवोंका सदलबल हस्तिनापुरमें आना । mahabharat पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उपरोधो भवेदेवमस्माकं तपस: कृते।
त्वत्स्नेहपाशबद्धा च हीयेयं तपस: परात्॥ ४१॥
तस्मात् पुत्रक गच्छ त्वं शिष्टमल्पं च न: प्रभो।
अनुवाद
यदि तुम यहाँ रहोगे तो हमारी तपस्या भंग हो जाएगी। यदि मैं तुम्हारे प्रेम के बंधन में बंध जाऊँगा तो मेरी महान तपस्या भंग हो जाएगी। अतः हे बलवान पुत्र, तुम यहाँ से चले जाओ। अब हमारे पास बहुत कम समय बचा है।॥41 1/2॥
‘If you stay here, our penance will be disturbed. I will fall from my great penance if I get tied in the bonds of your love. So, O powerful son, please go away. We have very little time left now.’॥ 41 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥