Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 15.34.1: सौति कहते हैं - इस प्रकार अपने समस्त पूर्वजों के परलोक से आने और जाने का वृत्तांत सुनकर विद्वान राजा जनमेजय बहुत प्रसन्न हुए ॥1॥ | mahabharat अध्याय 15.34: मरे हुए पुरुषोंका अपने पूर्व शरीरसे ही यहाँ पुन: दर्शन देना कैसे सम्भव है, जनमेजयकी इस शंकाका वैशम्पायनद्वारा समाधान । mahabharat पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सौति कहते हैं - इस प्रकार अपने समस्त पूर्वजों के परलोक से आने और जाने का वृत्तांत सुनकर विद्वान राजा जनमेजय बहुत प्रसन्न हुए ॥1॥
Sauti says – The learned King Janamejaya was very happy after hearing the story of all his ancestors coming and going from the other world in this way. 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥