Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 15.32.4: तत्पश्चात् महर्षि व्यासजी ने भागीरथी के पवित्र जल में प्रवेश करके पाण्डवों तथा कौरव पक्ष के समस्त लोगों से प्रार्थना की॥4॥   |   mahabharat अध्याय 15.32: व्यासजीके प्रभावसे कुरुक्षेत्रके युद्धमें मारे गये कौरव-पाण्डववीरोंका गङ्गाजीके जलसे प्रकट होना   ।   mahabharat पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व  »  अध्याय 32: व्यासजीके प्रभावसे कुरुक्षेत्रके युद्धमें मारे गये कौरव-पाण्डववीरोंका गङ्गाजीके जलसे प्रकट होना  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  15.32.4 
ततो व्यासो महातेजा: पुण्यं भागीरथीजलम्।
अवगाह्याजुहावाथ सर्वान् लोकान् महामुनि:॥ ४॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् महर्षि व्यासजी ने भागीरथी के पवित्र जल में प्रवेश करके पाण्डवों तथा कौरव पक्ष के समस्त लोगों से प्रार्थना की॥4॥
 
Thereafter, the great sage Vyasji entered the sacred waters of Bhagirathi and appealed to the Pandavas and all the people of the Kaurava side. 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)