Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 15.3.34-35h: वे सब युद्ध में आमने-सामने मारे गए हैं और शस्त्रधारियों के लोकों में चले गए हैं। हे राजन! अब मुझे और गांधारी देवी को अपने हित के लिए तप करना है; कृपया हमें इसकी अनुमति दीजिए। 34 1/2 | mahabharat अध्याय 15.3: राजा धृतराष्ट्रका गान्धारीके साथ वनमें जानेके लिये उद्योग एवं युधिष्ठिरसे अनुमति देनेके लिये अनुरोध तथा युधिष्ठिर और कुन्ती आदिका दु:खी होना । mahabharat पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वे सब युद्ध में आमने-सामने मारे गए हैं और शस्त्रधारियों के लोकों में चले गए हैं। हे राजन! अब मुझे और गांधारी देवी को अपने हित के लिए तप करना है; कृपया हमें इसकी अनुमति दीजिए। 34 1/2
They have all been killed face to face in the battle, and have gone to the realms meant for those who wield weapons. O King! Now, I and Gandhari Devi have to perform sacred penance for our own benefit; please give us permission to do so. 34 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥