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mahabharat 15.26.3: क्या वे भी आपके राज्य में निर्भय होकर रहते हैं? क्या आप प्राचीन राजाओं की रीति-रिवाजों का पालन करते हैं?॥3॥   |   mahabharat अध्याय 15.26: धृतराष्ट्र और युधिष्ठिरकी बातचीत तथा विदुरजीका युधिष्ठिरके शरीरमें प्रवेश   ।   mahabharat पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  15.26.3 
कच्चित् तेऽपि निरातङ्का वसन्ति विषये तव।
कच्चिद् वर्तसि पौराणीं वृत्तिं राजर्षिसेविताम्॥ ३॥
 
 
अनुवाद
क्या वे भी आपके राज्य में निर्भय होकर रहते हैं? क्या आप प्राचीन राजाओं की रीति-रिवाजों का पालन करते हैं?॥3॥
 
Do they also live fearlessly in your kingdom? Do you follow the old customs and traditions followed by ancient kings?॥ 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)