Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 15.26.24: वह उनके सामने खड़ा हो गया और दूर से ही बोला, जहाँ से विदुरजी सुन सकें; तब राजा ने पास जाकर उनका हार्दिक स्वागत किया॥ 24॥ | mahabharat अध्याय 15.26: धृतराष्ट्र और युधिष्ठिरकी बातचीत तथा विदुरजीका युधिष्ठिरके शरीरमें प्रवेश । mahabharat पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
युधिष्ठिरोऽहमस्मीति वाक्यमुक्त्वाग्रत: स्थित:।
विदुरस्य श्रवे राजा तं च प्रत्यभ्यपूजयत्॥ २४॥
अनुवाद
वह उनके सामने खड़ा हो गया और दूर से ही बोला, जहाँ से विदुरजी सुन सकें; तब राजा ने पास जाकर उनका हार्दिक स्वागत किया॥ 24॥
Saying, 'I am Yudhishthira', he stood before him. He said this from a distance where Viduraji could hear; then the king went closer and welcomed him warmly.॥ 24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥