Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 15.26.23: वे अत्यंत दुर्बल हो गए थे। उनके शरीर का केवल अस्थि-पंजर ही शेष था, यही उनके जीवित होने का एकमात्र चिह्न था। परम बुद्धिमान राजा युधिष्ठिर ने बुद्धिमान विदुर को पहचान लिया॥23॥   |   mahabharat अध्याय 15.26: धृतराष्ट्र और युधिष्ठिरकी बातचीत तथा विदुरजीका युधिष्ठिरके शरीरमें प्रवेश   ।   mahabharat पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व  »  अध्याय 26: धृतराष्ट्र और युधिष्ठिरकी बातचीत तथा विदुरजीका युधिष्ठिरके शरीरमें प्रवेश  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  15.26.23 
तं राजा क्षीणभूयिष्ठमाकृतीमात्रसूचितम्।
अभिजज्ञे महाबुद्धिं महाबुद्धिर्युधिष्ठिर:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
वे अत्यंत दुर्बल हो गए थे। उनके शरीर का केवल अस्थि-पंजर ही शेष था, यही उनके जीवित होने का एकमात्र चिह्न था। परम बुद्धिमान राजा युधिष्ठिर ने बुद्धिमान विदुर को पहचान लिया॥23॥
 
He had become very weak. Only the skeleton of his body was left, that was the only sign that he was alive. The very intelligent king Yudhishthira recognized the wise Vidur.॥23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)