Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 15.25.9: यह सुन्दरी जो किंचित् मध्यम आयु की है, नील कमल की पंखुड़ियों के समान बड़े-बड़े नेत्रों वाली है, तथा नील कमल के समान श्याम वर्ण की कांति से सुशोभित है, जो साक्षात् लक्ष्मी और देवाधिदेवी की स्वरूपा प्रतीत होती है, वह कोई और नहीं, अपितु महारानी द्रुपद की पुत्री कृष्णा है॥ 9॥ | mahabharat अध्याय 15.25: संजयका ऋषियोंसे पाण्डवों, उनकी पत्नियों तथा अन्यान्य स्त्रियोंका परिचय देना । mahabharat पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यह सुन्दरी जो किंचित् मध्यम आयु की है, नील कमल की पंखुड़ियों के समान बड़े-बड़े नेत्रों वाली है, तथा नील कमल के समान श्याम वर्ण की कांति से सुशोभित है, जो साक्षात् लक्ष्मी और देवाधिदेवी की स्वरूपा प्रतीत होती है, वह कोई और नहीं, अपितु महारानी द्रुपद की पुत्री कृष्णा है॥ 9॥
This beautiful lady who is slightly touching middle age, having large eyes like the petals of a blue lotus, and adorned with the dark glow like that of a blue lotus, appears like the embodiment of Goddess Lakshmi and the goddess of gods, is none other than Queen Drupada's daughter Krishna.॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥