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श्लोक  15.25.5 
संजय उवाच
य एष जाम्बूनदशुद्धगौर-
स्तनुर्महासिंह इव प्रवृद्ध:।
प्रचण्डघोण: पृथुदीर्घनेत्र-
स्ताम्रायताक्ष: कुरुराज एष:॥ ५॥
 
 
अनुवाद
संजय ने कहा: जो शुद्ध सोने के समान श्वेत है, जो सबमें सबसे ज्येष्ठ है, जो विशाल सिंह के समान दिखता है, जिसकी नाक नुकीली है, जिसकी बड़ी-बड़ी आंखें हैं, जो किंचित लालिमायुक्त हैं, वही कुरुराज युधिष्ठिर हैं।
 
Sanjaya said: The one who is as white as pure gold and the eldest of all, looks like a great lion, has a pointed nose, large eyes which are slightly reddish, is the Kuru King Yudhishthira.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)