Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 15.23.7-8: तत्पश्चात् ब्राह्मणों से घिरे हुए कौरवराज युधिष्ठिर अनेक सूतों, मागधों और बन्धुओं के मुख से अपनी स्तुति सुनकर, सिर पर श्वेत छत्र धारण किए हुए, विशाल रथ सेना के साथ वहाँ से चले गए। | mahabharat अध्याय 15.23: सेनासहित पाण्डवोंकी यात्रा और उनका कुरुक्षेत्रमें पहुँचना । mahabharat पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् ब्राह्मणों से घिरे हुए कौरवराज युधिष्ठिर अनेक सूतों, मागधों और बन्धुओं के मुख से अपनी स्तुति सुनकर, सिर पर श्वेत छत्र धारण किए हुए, विशाल रथ सेना के साथ वहाँ से चले गए।
Thereafter, surrounded by Brahmins, Yudhishthira, the King of Kurus, hearing his praises from the mouths of many Sutas, Magadhas and prisoners, wearing a white umbrella over his head, departed from there with a huge chariot army. 7-8.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥