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mahabharat 15.22.7: जिनके सम्बन्धी मारे गए हैं, वे महान् देवी गान्धारी देवी उस निर्जन वन में अपने अंधे और वृद्ध पति का अनुसरण कैसे करेंगी? 7॥   |   mahabharat अध्याय 15.22: माताके लिये पाण्डवोंकी चिन्ता, युधिष्ठिरकी वनमें जानेकी इच्छा, सहदेव और द्रौपदीका साथ जानेका उत्साह तथा रनिवास और सेनासहित युधिष्ठिरका वनको प्रस्थान   ।   mahabharat पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व  »  अध्याय 22: माताके लिये पाण्डवोंकी चिन्ता, युधिष्ठिरकी वनमें जानेकी इच्छा, सहदेव और द्रौपदीका साथ जानेका उत्साह तथा रनिवास और सेनासहित युधिष्ठिरका वनको प्रस्थान  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  15.22.7 
सा च देवी महाभागा गान्धारी हतबान्धवा।
पतिमन्धं कथं वृद्धमन्वेति विजने वने॥ ७॥
 
 
अनुवाद
जिनके सम्बन्धी मारे गए हैं, वे महान् देवी गान्धारी देवी उस निर्जन वन में अपने अंधे और वृद्ध पति का अनुसरण कैसे करेंगी? 7॥
 
‘How would the great goddess Gandhari Devi, whose relatives have been killed, follow her blind and old husband in that deserted forest? 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)