Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 15.22.25: हे राजन! ऐसा आदेश देकर प्रातःकाल राजा युधिष्ठिर अपने भाइयों, पाण्डवों, अपनी पत्नियों तथा वृद्धजनों को साथ लेकर नगर से बाहर निकल पड़े। | mahabharat अध्याय 15.22: माताके लिये पाण्डवोंकी चिन्ता, युधिष्ठिरकी वनमें जानेकी इच्छा, सहदेव और द्रौपदीका साथ जानेका उत्साह तथा रनिवास और सेनासहित युधिष्ठिरका वनको प्रस्थान । mahabharat पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एवमाज्ञाप्य राजा स भ्रातृभि: सहपाण्डव:।
श्वोभूते निर्ययौ राजन् सस्त्रीवृद्धपुर:सर:॥ २५॥
अनुवाद
हे राजन! ऐसा आदेश देकर प्रातःकाल राजा युधिष्ठिर अपने भाइयों, पाण्डवों, अपनी पत्नियों तथा वृद्धजनों को साथ लेकर नगर से बाहर निकल पड़े।
O King! Having given these orders, at dawn King Yudhishthira along with his brothers the Pandavas set out from the city, leading their wives and the old men.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥