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mahabharat 15.22.23: ‘रसोईघर का प्रधान और रसोइये सब पाक-सामग्री और नाना प्रकार के खाने-पीने के सामान मेरी गाड़ियों पर लादकर ले जाएँ ॥ 23॥   |   mahabharat अध्याय 15.22: माताके लिये पाण्डवोंकी चिन्ता, युधिष्ठिरकी वनमें जानेकी इच्छा, सहदेव और द्रौपदीका साथ जानेका उत्साह तथा रनिवास और सेनासहित युधिष्ठिरका वनको प्रस्थान   ।   mahabharat पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व  »  अध्याय 22: माताके लिये पाण्डवोंकी चिन्ता, युधिष्ठिरकी वनमें जानेकी इच्छा, सहदेव और द्रौपदीका साथ जानेका उत्साह तथा रनिवास और सेनासहित युधिष्ठिरका वनको प्रस्थान  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  15.22.23 
सूदा: पौरोगवाश्चैव सर्वं चैव महानसम्।
विविधं भक्ष्यभोज्यं च शकटैरुह्यतां मम॥ २३॥
 
 
अनुवाद
‘रसोईघर का प्रधान और रसोइये सब पाक-सामग्री और नाना प्रकार के खाने-पीने के सामान मेरी गाड़ियों पर लादकर ले जाएँ ॥ 23॥
 
‘The head of the kitchen and the cooks should load all the cooking material and various eatables on my carts and take them away.॥ 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)