Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 15.22.19: आप सब लोग अनेक रथों, हाथियों और घोड़ों से सुसज्जित अपनी सेना के साथ आगे बढ़ने की आज्ञा दीजिए। मैं वनवासी महाराज धृतराष्ट्र से मिलने जाऊँगा।॥19॥ | mahabharat अध्याय 15.22: माताके लिये पाण्डवोंकी चिन्ता, युधिष्ठिरकी वनमें जानेकी इच्छा, सहदेव और द्रौपदीका साथ जानेका उत्साह तथा रनिवास और सेनासहित युधिष्ठिरका वनको प्रस्थान । mahabharat पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
निर्यातयत मे सेनां प्रभूतरथकुञ्जराम्।
द्रक्ष्यामि वनसंस्थं च धृतराष्ट्रं महीपतिम्॥ १९॥
अनुवाद
आप सब लोग अनेक रथों, हाथियों और घोड़ों से सुसज्जित अपनी सेना के साथ आगे बढ़ने की आज्ञा दीजिए। मैं वनवासी महाराज धृतराष्ट्र से मिलने जाऊँगा।॥19॥
You all give the order to march ahead with your army equipped with many chariots, elephants and horses. I will go to meet the forest dweller Maharaja Dhritarashtra.'॥ 19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥